बिलासपुर: रेलवे स्टेशन पर ड्रॉप एंड
गो में बैरियर लगाकर ठेकेदार द्वारा जनता से जबरन वसूली और दुर्व्यवहार के मामले
पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई की. जिसमें हाईकोर्ट ने रेलवे डीआरएम से
नाराजगी जताई. साथ ही कहा कि रेलवे को डीआरएम चला रहे हैं, वे क्या कर रहे
हैं, उन्हें लोगों की समस्याओं से कोई लेना-देना है या नहीं. इतना ही नहीं
उन्होंने पूछा कि कोई व्यवस्था है या नहीं. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डीआरएम को
कड़ी फटकार लगाई.
आपको बता दें, रेलवे स्टेशन पर
ड्रॉप एंड गो में बैरियर लगाकर पार्किंग के नाम पर वसूली और बदसलूकी के मामले में
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीआरएम से शपथ पत्र में जवाब मांगा था. जिसकी सुनवाई मुख्य
न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र अग्रवाल की खंडपीठ में हुई. जवाब
पढ़ने के बाद कोर्ट ने नाराजगी जताई. उन्होंने यह भी कहा कि आप इतनी बड़ी रेल चला
रहे हैं, हजारों यात्री आते-जाते रहते हैं. इसका यात्रियों और शहरवासियों से
कोई लेना-देना है या नहीं। नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर मनमानी चल
रही है. डीआरएम कहां है? रेलवे में कोई व्यवस्था है या नहीं.
ड्रॉप एंड गो के नाम पर 59
रुपये की वसूली
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोनल स्टेशन
के बाहर बैरियर लगाकर रेलवे साइकिल स्टैंड ठेकेदार ड्रॉप एंड गो के नाम पर 59
रुपये की वसूली कर रहा है। वह लोगों के साथ दुर्व्यवहार भी करता है. ऐसी खबरों के
जरिए हाई कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया था. हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया है
और पहली सुनवाई में डीआरएम से हलफनामा देकर जवाब मांगा था. जिसके बाद कोर्ट ने
नाराजगी जताई.
हलफनामे में दिया जवाब
रेलवे की ओर से हलफनामे में जवाब पेश
किया गया. जिसमें रेलवे ने कहा कि पार्किंग को लेकर नई व्यवस्था की जा रही है.
जिसकी योजना बन चुकी है और जल्द ही इसे कार्ययोजना में लाया जाएगा। उन्होंने
कलेक्टर को पत्र लिखकर सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग भी की है.|