कंधे पर लकड़ी का गट्ठर और कुल्हाड़ी लेकर निकले ट्रैफिक DSP, आप भी जानें कहां जा रहे हैं...


 

 

मैंने ये फिल्में देखीं और ट्रैफिक विभाग ने रचनात्मक माध्यम से इन लापरवाहियों को उजागर किया है, जिसका दर्शकों पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा.

 

भिलाई. कंधे पर लकड़ी का गट्ठर और हाथ में कुल्हाड़ी लिए इस शख्स को आपने कहीं न कहीं जरूर देखा होगा. जरा दिमाग का इस्तेमाल करो...पहचान नहीं पा रहे...लगता है आप पहचान नहीं पाये... चलिए अब हम आपको बताते हैं. ये जनाब दुर्ग जिले के पुलिस उपाधीक्षक यानी डीएसपी हैं. अब आपका दिमाग चकरा गया होगा कि इतना बड़ा अधिकारी अपने कंधे पर लकड़ी क्यों ढो रहा है. डीएसपी साहब लकड़ी काटकर कहां ले जा रहे हैं? तो आइए बताते हैं डीएसपी साहब की पूरी सच्चाई....

 

दरअसल, ये एक फिल्म का सीन है, जिसमें ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने गंगुआ का किरदार निभाया है. फिल्म को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव में शामिल किया गया और पुरस्कार जीता। एक लघु फिल्म के माध्यम से बताया गया कि छोटी सी लापरवाही के कारण एक कीमती जान चली जाती है। अगर यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाए तो इससे बचा जा सकता है। डीएसपी सतीश ठाकुर, सदानंद विंधराज के नेतृत्व में यातायात जागरूकता कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी व निजी संस्थानों में यातायात नियमों से संबंधित जानकारी दी जा रही है. एक लघु फिल्म के माध्यम से बताया गया कि मालगाड़ियों में यात्रियों को ले जाना अपराध है. इससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं और जान-माल की हानि हो सकती है।

 

दुर्ग एसएसपी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि मैंने ये फिल्में देखी हैं और ट्रैफिक विभाग ने रचनात्मक माध्यम से इन लापरवाहियों को उजागर किया है, जिसका दर्शकों पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ेगा और वे ट्रैफिक संबंधी सावधानियां बरतेंगे. यातायात नियमों का पालन न करने से लोगों की असमय मौत हो जाती है। लोगों को यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यातायात विभाग और पुलिस विभाग लगातार अभियान चलाता रहता है।

 

महोत्सव में 19 राज्यों की 460 फिल्में : राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा लघु फिल्म महोत्सव में भाग लेने के लिए एसएसपी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में ट्रैफिक पुलिस दुर्ग द्वारा एक लघु फिल्म बनाई गई है। उक्त महोत्सव में 19 राज्यों की 6 भाषाओं की 460 फिल्में शामिल थीं, जिनमें 5 छत्तीसगढ़ी भाषा के वीडियो का चयन किया गया है। ट्रैफिक पुलिस दुर्ग द्वारा बनाए गए इस वीडियो का नाम 'गंगुवा' रखा गया है. इस वीडियो में ग्रामीण इलाकों में बारात के दौरान ट्रैक्टर, ट्रक, मेटाडोर जैसे मालवाहक वाहनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है. इससे पता चलता है कि एक दुर्घटना में कितने लोग अपनी जान गंवा देते हैं.

 

 

 

लघु फिल्म को सीएम ने किया पुरस्कृत: उक्त लघु फिल्म में डीएसपी ट्रैफिक सतीश ठाकुर, संदानंद विद्याराज व ट्रैफिक कर्मचारियों ने भूमिका निभायी है. इस शॉर्ट फिल्म को बेहतरीन स्क्रिप्ट का अवॉर्ड दिया गया है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सांसद सुनील सोनी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी का जीवन बहुत कीमती है. छोटी-छोटी लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और इसमें कई लोगों की मौत हो जाती है। कई परिवार बर्बाद हो गए. सावधानी और जागरूकता से इसे कम किया जा सकता है। सीएम ने दुर्ग पुलिस द्वारा बनाई गई लघु फिल्म की सराहना करते हुए भूमिका निभाने वाले ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों को भी बधाई दी.




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